Karma- A Yogi’s Guide to Crafting Your Destiny By Sadhguru

June 10, 2021

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कर्म (Karma) एक बहुत ज्यादा  इस्तेमाल किया जाने वाला  शब्द है। कर्म को मुख्य रूप से  हमारे जीवन में नियंत्रण और संतुलन की एक प्रणाली के रूप में समझा जाता है जैसे  अच्छे कर्म और बुरे कर्मों, अच्छे विचार और बुरे  विचार । यह  एक प्रणाली है जो  सुनिश्चित करता है कि दिन के अंत में एक हो जाता है जो एक हकदार है । इस घोर अति सरलीकृत समझ (Simple and deep understandings) ने हमारे जीवन में कई जटिलताएं पैदा की हैं और हमसे जीवन की खुशी के मूल सिद्धांतों को छीन लिया है । इस पुस्तक के माध्यम से न केवल सद्गुरु (Sadhguru) यह समझाते हैं कि कर्म क्या है और हम अपने जीवन को बढ़ाने के लिए इसकी अवधारणाओं का उपयोग कैसे कर सकते हैं, वह हमें इस चुनौतीपूर्ण दुनिया में अपना रास्ता बनाने  के लिए कदम-दर-कदम  के सूत्रों के बारे में भी बताते  हैं  । इस प्रक्रिया में हमें  जीवन की एक गहरी समझ और हमारी नियति को निर्धारित  की शक्ति मिलती  है ।

कर्म क्या है? अधिकतर लोग कर्म को अच्छे-बुरे कर्मों, गुणों और पापों की बैलेंस शीट (balance sheet of Karma) समझते हैं। ऐसा मन जाता है की हम अपने कार्यों के परिणामों से बच नहीं सकते हैं कभी भी और कैसे भी नहीं । असलियत में कर्म का इनाम और सजा से कोई लेना-देना नहीं है। कर्म का सीधा सा अर्थ है क्रिया: आपकी क्रिया, आपकी जिम्मेदारी। यह अपराध और सजा की कुछ बाहरी प्रणाली नहीं है, लेकिन एक आंतरिक चक्र जो की  आप के द्वारा उत्पन्न की जाती है। कर्म का संचय केवल आपके इरादे और आपके साथ जो कुछ हो रहा है उसका जवाब देने से ही तय होता है। 
कर्मा में, सद्गुरु आपको ड्राइवर की सीट पर वापस डालना चाहते हैं यह पुस्तक  आपको आतंक से प्रभावित यात्री से एक आत्मविश्वासी ड्राइवर को अपने भाग्य के बदलने  के लिए प्रेरित  करती है ।  कर्म एक अन्वेषण और एक नियमावली है जो कर्म की हमारी समझ को उलझन के स्रोत के बजाय स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के लिए अपनी मूल क्षमता के लिए बहाल करता है । सद्गुरु (Sadhguru) की शिक्षाओं के माध्यम से आप चुनौतीपूर्ण दुनिया में समझदारी और खुशी से जीना सीखेंगे।

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