Dharma: Decoding the Epics for a Meaningful Life (Review Hindi)

December 29, 2020

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सबसे ज्यादा बिकने वाले लेखक अमीश त्रिपाठी ( Author Amish Tripathi books)  की दूसरी नॉन फिक्शन बुक 28 दिसंबर 2020  को रिलीज हो गयी है।  पुस्तक का नाम है  “धर्म: डिकोडिंग द एपिक्स फॉर ए मीनिंगफुल लाइफ (Dharma: Decoding the Epics for a Meaningful Life) “  यह पुस्तक प्राचीन हिंदू महाकाव्यों से तैयार व्यावहारिक, दार्शनिक आदि का ज्ञान प्रदान करती है। इस किताब को लिखने में अमीश की बहन भावना रॉय ने सह-लेखक का किरदार निभाया है।

कहानियां मनोरंजक और शिक्षाप्रद दोनों हो सकती हैं । वे व्यावहारिक और ज्ञान देने वाली भी हो सकती हैं खासकर जब उन्होंने सदियों से पीढ़ियों तक की यात्रा सफलता पूर्वक की हो।  किताब में  प्रत्येक पुनर्कथन के साथ नए अर्थों को भी लिया गया है।  इस पुस्तक में अमीश एक श्रृंखला के पहले,प्राचीन भारतीय महाकाव्यों के अमूल्य खजाने की निधि में गोता लगाते हैं साथ ही अमीश के पहले उपन्यास  मेलुहा (The Immortals of Meluha- The Shiva Trilogy ) के विशाल और जटिल ब्रह्मांड का पता लगाने के लिए भारतीय दर्शन की कुछ प्रमुख अवधारणाओं का पता लगाने की कोशिश करते हैं। 

“धर्म क्या है? यदि हम कुछ हद तक धर्म को समझ सकें तो हम अधिक सार्थक जीवन व्यतीत कर सकते हैं। और  हम सब क्या चाहते हैं? यह बातचीत और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम इन दिनों बैक-ब्रेकिंग चुनौतियों की एक श्रृंखला के साथ सामना कर रहे हैं जैसे महामारी, जलवायु परिवर्तन, राष्ट्रों के बीच संघर्ष, समुदाय और परिवार संरचनाओं का टूटना।“

विचारों और उनको क्रियान्वित करने की ईक्षा , कुछ भी पाने और प्रदान करने की आदत , आत्म-प्रेम और बलिदान के बीच की आदर्श परस्पर क्रिया क्या है? हम गलत से सही कैसे बता सकते हैं? हम अपने आप में सबसे उत्तम वास्तु  बाहर लाने के लिए क्या कर सकते हैं ? और उद्देश्य और अर्थ के साथ एक जीवन जीने के लिए क्या कर सकते हैं बिना अहंकार और भौतिक जरूरतों से प्रेरित हुए ? इन सब का जवाब आपको इस पुस्तक Dharma: Decoding the Epics for a Meaningful Life में  काल्पनिक पात्रों के द्वारा मिलेगा।

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